भीतर का आनंद कैसे मिले? | Gorakhnath Sutras Explained by Osho REAL VOICE
OSHO Wisdomमन मैं रहिणा, भेद न कहिणा... इस गहन और प्रेरणादायक प्रवचन में ओशो गोरखनाथ के अमूल्य सूत्रों की व्याख्या करते हुए बताते हैं कि वास्तविक आनंद बाहर की उपलब्धियों में नहीं, बल्कि अपने ही भीतर छिपा है। इच्छाएँ, महत्वाकांक्षाएँ और अहंकार मनुष्य को निरंतर भटकाते हैं, जबकि ध्यान, साक्षीभाव, मौन और संयम उसे